3 साल में हो सकता हैं अयोध्या मन्दिर निर्माण कार्य, ये होगी मंदिर की ख़ासियत

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3 साल में हो सकता हैं अयोध्या मन्दिर निर्माण कार्य, ये होगी मंदिर की ख़ासियत

अयोध्या: राम मंदिर पर फैसला सूना देने के बाद अब लोगों में राम मन्दिर के बनने के लिए उत्सुकता काफी ज्यादा बढ़ गयी है| बता दे, कि राम मंदिर के निर्माण के

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अयोध्या: राम मंदिर पर फैसला सूना देने के बाद अब लोगों में राम मन्दिर के बनने के लिए उत्सुकता काफी ज्यादा बढ़ गयी है| बता दे, कि राम मंदिर के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला पहले ही सूना चुकी है| इस बनाने की तैयारियाँ लगभग 30 साल पहले ही चंद्रकांत और हिन्दू परिषद के अशोक सिंघल ने शुरू कर दि थी| ऐसा अनुमान लगाया गया हैं कि मन्दिर के निर्माण करने में तकरीबन 100 करोड़ रुपयों तक का खर्च आ सकता है| ऐसा भी अनुमान लगाया गया है कि अगर निर्माण कार्य में 2000 मज़दूर लगा दिए जाए, तो 3 साल के अंदर ही मन्दिर बनकर तैयार हो सकता है|

गुजरात में रहने वाले चंद्रकांत का परिवार कई पीढ़ियों से मन्दिर डिज़ाइन कर रही हैं साथ ही सोमनाथ मन्दिर को डिज़ाइन करने का श्रेय भी उन्ही के परिवार को जाता है| मंदिर बनने तक में अभी काफी समय है लेकिन यह जल्द से जल्द बनकर तैयार हो जाएगा| यहाँ नीचे हम मन्दिर की कुछ खासियतों के बारे में बतायेंगे|

ये खासियतें होगी राम मन्दिर की –

1- राम मन्दिर को बनाने में लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा|

2- राम मन्दिर की ज़मीन को बनाने में संगमरमर का इस्तेमाल किया जाएगा|

3. इसे 150 फुट चौड़ा, 270 फुट लंबा और 270 फुट ऊंची गुम्बद आकृति का बनाया जाएगा|

4- राम मंदिर को दो मंजिला बनाया जाएगा| नीचे राम मंदिर और ऊपर राम दरबार हो सकता है|

5- मंदिर में 221 स्तंभों का भी निर्माण किया जाएगा, जिसमे हर एक पर देवताओं की 12 प्रतिमाए होंगी| इसके अलावा मंदिर को लेकर काफी ज्यादा बदलाव का होना भी निश्चित है|

 -शाम्भवी मिश्रा