दूसरों के घर में काम कर किया गुजारा, संघर्षों के नाम रही शशिकला की जिंदगी

HomeCinema

दूसरों के घर में काम कर किया गुजारा, संघर्षों के नाम रही शशिकला की जिंदगी

बॉलीवुड एक्ट्रेस शशिकला का रविवार को 88 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने अपने घर पर ही अंतिम सांस ली और इस दुनिया को अलविदा कह गईं. उनका जाना बॉल

Sushant Singh Rajput Demise: करण जौहर-आलिया भट्ट के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में गिरावट तो कंगना रनौत के फॉलोअर्स बढ़े
ट्विंकल खन्ना ने समझाया प्यार का मतलब Twinkle khanna shared an superior image with Akshay kumar
अभिषेक बच्चन की फिल्म The Big Bull का टीजर हुआ रिलीज, सबसे बड़े घोटाले की कहानी

बॉलीवुड एक्ट्रेस शशिकला का रविवार को 88 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने अपने घर पर ही अंतिम सांस ली और इस दुनिया को अलविदा कह गईं. उनका जाना बॉलीवुड के नूर के जाने जैसा है. अपने अभिनय के अलावा चेहरे के अद्भुत तेज और चमक से सभी के दिलों पर राज करने वालीं शशिकला का फिल्मी सफर ना सिर्फ यादगार रहा, बल्कि कई मायनों में लोगों को संघर्ष की असल कहानी भी बता गया.

शशिकला ने बॉलीवुड में जरूर कई फिल्मों में काम कर खूब नाम कमाया, लेकिन उनका संघर्ष उससे ज्यादा बड़ा रहा. कहने को शशिकला एक समृद्ध परिवार में पली-पढ़ी थीं, लेकिन परिवारिक मतभेद और असफल शादी की वजह से वे लगातार धक्के खाती रहीं. शशिकला का जन्म आजादी से 15 साल पहले चार अगस्त 1932 को हुआ था. परिवार समृद्ध था, इसलिए शुरुआती जीवन में ज्यादा परेशानियां नहीं आईं. लेकिन जिंदगी के आगे के पड़ाव काफी उतार-चढ़ाव वाले साबित हुए. शशिकला के पिता को उनके ही भाई से धोखा मिला और वो सारे पैसे हड़प कर दूर चला गया.

शश‍िकला ने एक इंटरव्यू में अपने संघर्षों का जिक्र किया था. उन्होंने बताया था कि जब उनके प‍िता आर्थ‍िक तंगी से जूझ रहे थे तब वे दाने-दाने को मोहताज हो गए थे. 8-10 दिन तक उन्हें बिना अन्न के दिन गुजारने पड़े. इसके बाद शश‍िकला ने डांस-ड्रामा ट्रूप को ज्वॉइन कर लिया. सोलापुर जिले के कई इलाकों में जाकर-जाकर वे पौराण‍िक कथाओं पर नृत्य-नाटक मंचन करते, जिसमें शश‍िकला कृष्णा का किरदार निभाती थीं. इससे घर की माली हालत में शश‍िकला हाथ बंटा देती थीं. काम की तलाया में जब वे मुंबई आए तो यहां वे कभी दोस्तों के घर तो कभी रिश्तेदारों के घर रहने लगे. पैसे कमाने थे, काम चाह‍िए था इसल‍िए जिनके घर ठहरे उनके यहां घर के काम काज किए, बचा हुआ खाना खा लेते थे.