परेश रावल ने बताया-लोगों को क्यों देखनी चाहिए ‘हंगामा-2’, बोले-मीजान जाफरी लंबी रेस का घोड़ा है

HomeCinema

परेश रावल ने बताया-लोगों को क्यों देखनी चाहिए ‘हंगामा-2’, बोले-मीजान जाफरी लंबी रेस का घोड़ा है

18 साल पहले अक्षय खन्‍ना, आफताब शिवदसानी और रीमि सेन के साथ परेश रावल की 'हंगामा' आई थी। आज (शुक्रवार) परेश रावल की 'हंगामा-2' आ रही है। इस बार फिल्म

पति के साथ शादी में जमकर नाचीं नुसरत जहाँ
इंदिरा गांधी पर फिल्म: ‘इमरजेंसी’ का निर्देशन खुद करेंगी कंगना, बोलीं- ये काम मुझसे बेहतर कोई नहीं कर सकता
Mahesh bhatt नहीं होने देना चाहते अपनी बेटी Alia bhatt की शादी, सामने आई ये बड़ी वजह

18 साल पहले अक्षय खन्‍ना, आफताब शिवदसानी और रीमि सेन के साथ परेश रावल की ‘हंगामा’ आई थी। आज (शुक्रवार) परेश रावल की ‘हंगामा-2’ आ रही है। इस बार फिल्म में आफताब और रिमि सेन की जगह मीजान जाफरी और प्रणीता सुभाष हैं। वहीं परेश रावल की वाइफ के रोल में शिल्‍पा शेट्टी हैं। अब हाल ही में परेश रावल ने फिल्म से जुड़ी कई बातें शेयर की हैं।

इस बार कहानी, किरदार सब अलग है। एक सफल फ्रेंचाइजी है। यह बोलते ही लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। ऐसे कोविड के टाइम में ऐसी फिल्‍में बनना और आना बहुत जरूरी है। शिल्‍पा जी हैं। मीजान जाफरी का काम कमाल का है। मीजान तो लंबी रेस का घोड़ा बनने वाला है। आशुतोष राणा जी के साथ मैं पहली बार काम कर रहा हूं। टीकू तल्‍सानिया जैसे बड़े जोरदार एक्‍टर भी हैं।

यहां थोड़ी बहुत स्‍लैपस्टिक कॉमेडी है। कुछ डायलॉगबाजी से हंसाने की कोशिश है तो कई जगहों पर आप को कैरेक्‍टर और सिचुएशन से हंसी आएगी। इस किस्‍म से इसे ट्रीट किया गया है। हालांकि डेविड धवन साहब लॉन्‍ग शॉट्स में यकीन रखते हैं। वो शॉट्स को जल्‍दी कट नहीं करते। प्रियन जी यानी प्रियदर्शन जी भी तकरीबन वैसे ही हैं, पर उनकी वैरिएबल शॉट मूवी होती है। वो अलग फ्लेवर लेकर आते हैं।

जी हां। वह इसलिए कि प्रियन जी भी लंबे अर्से से हिंदी फिल्‍में नहीं कर रहे थे। उन्‍होंने फिर मलयालम में सबसे महंगी फिल्‍म बनाई। तब जाकर अब लोगों को समझ आ रहा कि प्रियन जी कितने कमाल के धरोहर हैं। उनके साथ मैंने भी लंबे अर्से बाद काम किया, मगर कभी लगा ही नहीं कि हम पांच छह साल बाद साथ काम कर रहें हैं। ऐसे लोगों के साथ काम कर हम अपने घर मेमरीज ले जाते हैं। प्रियन के सेट पर जरा सा भी आलस्‍य नहीं हो सकता।

मेरी कोशिश रहती है कि मैं वैसे किरदारों को वैसा बना सकूं, जिनसे आम आदमी रिलेट कर सके। दर्शकों को वो सब अपनी दुनिया का लगे। इस काम में मुझे मेरे अच्‍छे। बाबूराव के लिए मैंने अपने एक दोस्‍त की बॉडीलैंग्‍वेज पकड़ी थी। कॉमेडी आइसोलेशन में नहीं हो सकती। आप को अपने कोएक्‍टर्स, राइटर, डायरेक्‍टर का साथ चाहिए होता है।

मीजान जरा शर्मीला है। वो ज्‍यादा सवाल करने से हिचकते थे कि पता नहीं परेश जी इतने सीनियर हैं तो ज्‍यादा सवाल पर न जाने क्‍या सोचने लगें। मीजान ने बेहतरीन काम किया है।