अभिनेता शक्ति कूपर को कोरोना वायरस से हुई चिंता, बोले- अब मौत बहुत करीब आ गई है

HomeCinema

अभिनेता शक्ति कूपर को कोरोना वायरस से हुई चिंता, बोले- अब मौत बहुत करीब आ गई है

कोरोना वायरस से देश में हालात बदतर हैं। पिछली बार के मुकाबले इस बार मौतों का आंकड़ा भी ज्यादा है। ऐसे में आम से लेकर खास लोगों में चिंता होने लगी है।

Dil Chahta Hai से लेकर Zindagi Na Milegi Dobara तक, रोड ट्रिप पर बनी हैं ये 7 बेहतरीन Bollywood फिल्में
पहली बार Ranveer Singh संग रोमांस करेंगी Katrina Kaif!! इस डायरेक्टर ने किया ये कमाल
भुज: जब 300 महिलाओं की मदद से भारतीय सेना ने नाकाम किए थे पाक के मंसूबे, ये है असली कहानी

कोरोना वायरस से देश में हालात बदतर हैं। पिछली बार के मुकाबले इस बार मौतों का आंकड़ा भी ज्यादा है। ऐसे में आम से लेकर खास लोगों में चिंता होने लगी है। फिल्म अभिनेता शक्ति कपूर भी ऐसी ही चिंता में डूबे हैं। उनका कहना है कि लगता है कि अब तो मौत बहुत करीब आ गई है।

शक्ति कपूर का कहना है,’पिछला एक साल बहुत कठिन रहा। मौत अब कितने करीब आ गई है। पहले बोलते थे कि मरने वाला है, मरने वाला है और उसमें दस साल लग जाते थे। अब लोग मक्खियों की तरह टपक रहे हैं। अब मौत का क्या है? यह बहुत आसान हो गई है। मैंने अभी सुना कि मेरे एक फ्रेंड का भाई सुबह अस्पताल गया था और शाम को वह चल बसा। ये बहुत अप्रत्याशित हो गया है।’ 68 साल के शक्ति कपूर ने बातचीत में कहा,’अब स्थिति कंट्रोल से बाहर हो गई है। अब वैक्सीनेशन ही इस समस्या से निपटने का रास्ता बचा है।

शक्ति का कहना है,’मेरी बेटी श्रद्धा की एक फ्रेंड हाल ही में इजराइल से लौटी है और वह कहती है कि वहां अब कोई मास्क नहीं लगाता। सरकार ने 85 से 90 प्रतिशत नागरिकों को वैक्सीन लगा दी है। अब वे स्वस्थ जीवन जी रहेे हैं और खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसा नहीं है कि हमारा देश इस वायरस से लड़ नहीं सकता है। हम लड़ सकते हैं, तब जब सबको वैक्सीन लग जाए।

एक्टर ने कोरोना काल में चुनाव और चुनावी रैलियों पर भी रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा,’मुझे बहुत गुस्सा आता है कि क्यों चुनाव हो रहे हैं। उनको पोस्टपोन क्यों नहीं किया गया? मैंने मिथुन को देखा भाषण देते हुए और मैं उसको भी मैसेज किया थाकि मत जाओ। मुझे उसकी चिंता थी। मैं उसे प्यार करता हूं। वह मेरे बड़े भाई की तरह है। इसके बाद मेला… हमें इन सब चीजों के बारे में सख्त होना होगा। अगर सरकारें आपस में लड़ेंगी, तो लोग कहां जाएंगे।