देव डी: अभय देओल से डायरेक्टर अनुराग कश्यप को हुई थी ये बड़ी दिक्कत, बातचीत कर दी बंद

HomeCinema

देव डी: अभय देओल से डायरेक्टर अनुराग कश्यप को हुई थी ये बड़ी दिक्कत, बातचीत कर दी बंद

  अनुराग कश्यप संग अभय देओल ने अपने करियर की सबसे सक्सेसफुल फिल्म देव डी की थी. फिल्म को फैन्स का बहुत प्यार मिला था. मगर फिल्म के दौरान ऐसा क

ऋचा चड्ढा ने शाहरुख खान के लिए जताया प्यार, अली फजल ने किया ट्रोल
कंगना रनौत को सुलतान छोड़ने पर मिली धमकी, सुशांत के साथ भी यही हुआ | Yashraj Movies threatened Sushant Singh Rajput and Kangana Ranaut
The Big Bull में अभिषेक बच्चन के किरदार की स्कैम 1992 के एक्टर से हो रही है तुलना, प्रतीक गांधी ने अब कही ये बात

 

अनुराग कश्यप संग अभय देओल ने अपने करियर की सबसे सक्सेसफुल फिल्म देव डी की थी. फिल्म को फैन्स का बहुत प्यार मिला था. मगर फिल्म के दौरान ऐसा क्या हो गया था कि अनुराग कश्यप अपने लीडिंग स्टार अभय देओल से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे. अभय देओल के 45वें जन्मदिन के मौके पर बता रहे हैं फिल्म से जुड़ा ये किस्सा.

बॉलीवुड एक्टर अभय देओल फिल्म इंडस्ट्री में काफी समय से सक्रिय हैं. एक्टर अपनी एक अलग पहचान बना पाने में कामियाब रहे हैं. देओल फैमिली से ताल्लुक रखने वाले अभय देओल को भले ही लीड एक्टर के तौर पर काम नहीं मिला मगर उन्हें जैसे भी रोल्स मिले उसमें उन्होंने अपने दमदार अभिनय से सभी को खूब प्रभावित किया. मगर बॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर अनुराग कश्यप से उनकी नहीं बनी. अनुराग कश्यप संग अभय देओल ने अपने करियर की सबसे सक्सेसफुल फिल्म देव डी की थी. फिल्म को फैन्स का बहुत प्यार मिला था. मगर फिल्म के दौरान ऐसा क्या हो गया था कि अनुराग कश्यप अपने लीडिंग स्टार अभय देओल से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे. अभय देओल के 45वें जन्मदिन के मौके पर बता रहे हैं फिल्म से जुड़ा ये किस्सा.

अनुराग कश्यप ने एक इंटरव्यू में इस बारे में बात करते हुए कहा था कि- उनके साथ काम करना बहुत मुश्किल था. उनके साथ काम करने की बहुत अच्छी यादें मेरे साथ नहीं जुड़ी हैं. साथ ही शूटिंग खत्म होने के बाद उनसे ज्यादा बातचीत भी नहीं की मैंने. अभय काफी कन्फ्यूज्ड रहते थे. वे आर्टिस्टिक फिल्में करना चाहते थे. साथ ही वे मेनस्ट्रीम सिनेमा के बैनेफिट भी चाहते थे. वे देओल होने की लग्जरी चाहते थे. वे फाइव स्टार होटल में ठहरते थे जबकी बाकी टीम पहाड़गंज में रुकती थी. हमारा बजट टाइट था. यही कारण है कि कई सारे निर्देशकों ने उनसे तौबा कर ली.