दूसरों के घर में काम कर किया गुजारा, संघर्षों के नाम रही शशिकला की जिंदगी

HomeCinema

दूसरों के घर में काम कर किया गुजारा, संघर्षों के नाम रही शशिकला की जिंदगी

बॉलीवुड एक्ट्रेस शशिकला का रविवार को 88 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने अपने घर पर ही अंतिम सांस ली और इस दुनिया को अलविदा कह गईं. उनका जाना बॉल

बॉलीवुड ने खूबसूरत तस्वीरों के साथ मनाया फादर्स डे | Bollywood stars have fun fathers day 2020 with stunning footage
सलमान खान की अभिनेत्री का बाथटब में दिखा बोल्ड अवतार, जरीन खान ने बताई अपनी सुपरपावर
सुशांत सिंह राजपूत को मौत से लगता था सबसे ज्यादा डर, पुराना इंटरव्यू हो रहा वायरल

बॉलीवुड एक्ट्रेस शशिकला का रविवार को 88 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने अपने घर पर ही अंतिम सांस ली और इस दुनिया को अलविदा कह गईं. उनका जाना बॉलीवुड के नूर के जाने जैसा है. अपने अभिनय के अलावा चेहरे के अद्भुत तेज और चमक से सभी के दिलों पर राज करने वालीं शशिकला का फिल्मी सफर ना सिर्फ यादगार रहा, बल्कि कई मायनों में लोगों को संघर्ष की असल कहानी भी बता गया.

शशिकला ने बॉलीवुड में जरूर कई फिल्मों में काम कर खूब नाम कमाया, लेकिन उनका संघर्ष उससे ज्यादा बड़ा रहा. कहने को शशिकला एक समृद्ध परिवार में पली-पढ़ी थीं, लेकिन परिवारिक मतभेद और असफल शादी की वजह से वे लगातार धक्के खाती रहीं. शशिकला का जन्म आजादी से 15 साल पहले चार अगस्त 1932 को हुआ था. परिवार समृद्ध था, इसलिए शुरुआती जीवन में ज्यादा परेशानियां नहीं आईं. लेकिन जिंदगी के आगे के पड़ाव काफी उतार-चढ़ाव वाले साबित हुए. शशिकला के पिता को उनके ही भाई से धोखा मिला और वो सारे पैसे हड़प कर दूर चला गया.

शश‍िकला ने एक इंटरव्यू में अपने संघर्षों का जिक्र किया था. उन्होंने बताया था कि जब उनके प‍िता आर्थ‍िक तंगी से जूझ रहे थे तब वे दाने-दाने को मोहताज हो गए थे. 8-10 दिन तक उन्हें बिना अन्न के दिन गुजारने पड़े. इसके बाद शश‍िकला ने डांस-ड्रामा ट्रूप को ज्वॉइन कर लिया. सोलापुर जिले के कई इलाकों में जाकर-जाकर वे पौराण‍िक कथाओं पर नृत्य-नाटक मंचन करते, जिसमें शश‍िकला कृष्णा का किरदार निभाती थीं. इससे घर की माली हालत में शश‍िकला हाथ बंटा देती थीं. काम की तलाया में जब वे मुंबई आए तो यहां वे कभी दोस्तों के घर तो कभी रिश्तेदारों के घर रहने लगे. पैसे कमाने थे, काम चाह‍िए था इसल‍िए जिनके घर ठहरे उनके यहां घर के काम काज किए, बचा हुआ खाना खा लेते थे.