सतीश कौल के निधन से दुखी हैं ‘महाभारत’ के ‘युद्धिष्ठिर’, बोले – उनका यूं जाना लोगों के लिए सबक है

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सतीश कौल के निधन से दुखी हैं ‘महाभारत’ के ‘युद्धिष्ठिर’, बोले – उनका यूं जाना लोगों के लिए सबक है

कोरोना वायरस के चलते मशहूर टीवी सीरियल महाभारत में 'इंद्रदेव' की भूमिका निभाने वाले एक्टर सतीश कौल का 10 अप्रैल की सुबह निधन हो गया है। सतीश कौल कोरोन

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कोरोना वायरस के चलते मशहूर टीवी सीरियल महाभारत में ‘इंद्रदेव’ की भूमिका निभाने वाले एक्टर सतीश कौल का 10 अप्रैल की सुबह निधन हो गया है। सतीश कौल कोरोना के चपेट में आ गए थे, वो 74 साल के थे। सतीश कौल ने करीब 300 फिल्मों में काम किया था जिनमें हिंदी और पंजाबी फिल्में शामिल थी। इसके अलावा उन्होंने ‘महाभारत’, ‘सर्कस’ और ‘विक्रम बेताल’ जैसे लोकप्रिय टीवी शोज में काम किया था।

उनके निधन पर टीवी सीरियल महाभारत में ‘युधिष्ठिर’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता गजेद्र चौहान ने दुख जाताया है। उन्होंने कहा कि उनकी इस परिस्थिति में हुए निधन से सबक लेनी चाहिए। उनका कहान है कि इंसान अपनी जिंदगी में कितना भी कामयाब क्यों न हो अपने भविष्य के लिए बेहतर वक्त बचा के रखना चाहिए। सतीश कौल के करियर को शानदार बताते हुए गजेंद्र चौहान ने कहा कि उनकी जिंदगी का पहला पड़ाव बेहद शानदार रहा, लेकिन उम्र के दूसरे पड़ाव पर वह लड़ाई हार गए।

उन्होंने कहा, ”अपने अंतिम समय में सतीश जी ने किसी से मदद नहीं मांगी। वह खुद में स्वाभिमानी शख्स थे। अपने आखिरी समय में उन्होंने गुमनामी में जिंदगी से अपनी लड़ाई हार गए।”

PTC पंजाबी फिल्म अवॉर्ड्स में सतीश कौल को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया था। सतीश अपनी जिंदगी में कुछ सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने बीआर चोपड़ा की महाभारत में काम करने से लेकर सदी के महानायक तक के साथ काम किया था लेकिन अपने आखिरी वक्त में वह बहुत तंगी में जीवन गुजार रहे थे। जानकारी के मुताबिक सतीश लुधियाना के विवेकानंद वृद्ध आश्रम में रह रहे थे और उनके पास अपने मेडिकल बिल चुकाने के लिए भी पैसा नहीं था।

सतीश कौल पंजाब आ गए थे, जहां उन्होंने खुद का एक्टिंग स्कूल शुरू किया था, लेकिन उसमें उन्हें कुछ खास कामयाबी हासिल नहीं हो पाई। तब से उनकी मुसीबतें बढ़ती गई। साल 2015 में उनके हिप बोन में फ्रैक्चर हो गया था। ढाई साल तक वो अस्पताल के बिस्तर पर ही थे। इसके बाद वो लुधियाना आकर उनके घर रहने लगे थे।