साधारण महिला, सियासी दांवपेच और सीएम की कुर्सी, दमदार अभिनय से ‘महारानी’ बनीं हुमा कुरैशी

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साधारण महिला, सियासी दांवपेच और सीएम की कुर्सी, दमदार अभिनय से ‘महारानी’ बनीं हुमा कुरैशी

हुमा कुरैशी स्टारर पॉलिटिकल ड्रामा वेब सीरीज ‘महारानी’ रिलीज हो गई है। इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव पर देखा जा सकता है। वेब सीरीज के ट्रेलर रिलीज के

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हुमा कुरैशी स्टारर पॉलिटिकल ड्रामा वेब सीरीज ‘महारानी’ रिलीज हो गई है। इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव पर देखा जा सकता है। वेब सीरीज के ट्रेलर रिलीज के साथ ही इसकी काफी चर्चा हो रही थी। 10 एपिसोड की इस सीरीज की कहानी राजनीति के इर्द गिर्द घूमती है। ट्रेलर रिलीज होने के बाद ही कहा जाने लगा कि यह लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री बनने की कहानी से प्रेरित है। हालांकि मेकर्स ने इसे काल्पनिक बताया है।

सीरीज में बिहार के सियासी दांवपेच को दिखाया गया है। सोहम शाह भीमा के किरदार में हैं। एक हत्या की कोशिश के बाद उन्हें अमान्य घोषित कर दिया जाता है जिसके बाद भीमा एक अप्रत्याशित कदम उठाता है और अपनी पत्नी रानी का नाम मुख्यमंत्री के रूप में रखता है। रानी अशिक्षित है और अभी तक उसके पति ने उसे लोगों की नजरों से दूर रखा था।
सीरीज में हुमा कुरैशी का एक डायलॉग है- ‘हमसे 50 लीटर दूध दूहा लो, 500 गोबर का गोइठा बना लो पर एक दिन में इतना फाइल पर अंगूठा लगाना, ना.. हमसे ना हो पाएगा।‘ गांव की रहने वाली रानी ताकतवर महिला बनने तक का सफर तेजी से तय करती है।

‘महारानी’ देखने के बाद कई जगह ऐसा महसूस होता है कि इसके लेखन में कमी रह गई। रानी की जिंदगी में अचानक तेजी से उतार-चढ़ाव आते हैं। एपिसोड 4 में बिना किसी ओर-छोर के एक ‘घोटाला’ दिखाया जाता है। पांचवें एपिसोड में एक ‘बाबा’ आ जा जाता है। तभी आपको महसूस होता है कि आप अपनी ‘महारानी’ से ऊबने लगे हैं।

वेब सीरीज का जिम्मा पूरी तरह से हुमा कुरैशी के कंधे पर है और वह इसे बेहतरीन तरीके से निभाती नजर आती हैं। कुछ जगहों पर हुमा के उच्चारण में भी फर्क नजर आता है जहां वो ‘स्कूल’ और ‘इस्कुल’ दोनों कहती हैं। इसके लिए निर्देशक को जिम्मेदार माना जा सकता है। बाकी कलाकारों की बात करें तो अमित सियाल ने कमाल का अभिनय किया है। वह भीमा के राजनीतिक प्रतिद्वंदी की भूमिका में हैं।