राजीव कपूर की प्रॉपर्टी पर हक चाहते हैं रणधीर और रीमा, कोर्ट ने कहा- पहले जमा करो तलाक के पेपर

HomeNews

राजीव कपूर की प्रॉपर्टी पर हक चाहते हैं रणधीर और रीमा, कोर्ट ने कहा- पहले जमा करो तलाक के पेपर

बॉलिवुड की कपूर फैमिली (Kapoor Family) में एक साल के अंदर दो लोगों ने दुनिया को अलविदा कह दिया। पिछले साल 2020 में 30 अप्रैल को ऋषि कपूर (Rishi Kapoor

सुशांत सिंह राजपूत पर बन रही है फिल्म – सुसाइड या मर्डर? ‘Suicide or Homicide?’ Movie on Sushant Singh Rajput’s life, poster launched
सुशांत सिंह राजपूत की मौत से सदमे में है उनका पालतू कुत्ता, वीडियो वायरल | Sushant Singh Rajput’s pet canine devastated, heartbroken with actor’s demise, video viral
सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड पर आयशा कपूर का खुलासा मुझसे की थी बात Sushant Singh Rajput pal ayesha adlakha revealed about sushant suicide

बॉलिवुड की कपूर फैमिली (Kapoor Family) में एक साल के अंदर दो लोगों ने दुनिया को अलविदा कह दिया। पिछले साल 2020 में 30 अप्रैल को ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) का निधन हो गया था। वहीं, बीती 9 फरवरी को राजीव कपूर (Rajiv Kapoor) का निधन हो गया था। चार भाई-बहनों में दो भाइयों के निधन के बाद अब रणधीर कपूर (Randhir Kapoor) और उनकी बहन रीमा जैन (Rima Jain) बचे हैं। दोनों ने राजीव कपूर की प्रॉपर्टी (Rajiv Kapoor Property) पर अपने हक के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में पिटिशन फाइल की है। इस पर हाईकोर्ट ने सोमवार को रणधीर कपूर और रीमा जैन से राजीव कपूर के तलाक के पेपर लाने के लिए कहा है।

जस्टिस गौतम पटेल ने रणधीर कपूर और रीमा जैन द्वारा प्रॉपर्टी और क्रेडिट के लिए फाइल की गई पिटिशन पर सुनवाई की। पिटिशन में कहा गया कि राजीव कपूर ने साल 2001 में आरती सबरवाल से शादी की थी और 2003 में दोनों का तलाक हो गया था।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान रणधीर कपूर और रीमा जैन के वकील शरण जगतियानी ने कहा है कि उनके पास राजीव कपूर और आरती सबरवाल के तलाक के कागज नहीं हैं और उन्हें नहीं पता है कि किस फैमिली कोर्ट ने तलाक का आदेश जारी किया था।

शरण जगतियानी ने हाईकोर्ट में कहा, ‘सिर्फ दोनों भाई और बहन ही राजीव कपूर की प्रॉपर्टी के हकदार हैं। हमारे पास उनके तलाक के कागज नहीं हैं। हम इसे ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हमे यह नहीं मिले हैं। उन्हें तलाक के कागज पेश करने से छूट दी जाए। हमे यह भी नहीं पता है कि तलाक का आदेश दिल्ली या मुंबई की कोर्ट ने जारी किया है।’ इस पर जस्टिस गौतम ने कहा है कि कोर्ट तलाक के आदेश के कागज पेश न करने की छूट देने के लिए तैयार है लेकिन पहले स्वीकृति पत्र दिया जाए।