अगर देवानंद से शादी की तो देश में दंगे हो जाएंगे’, इस वजह से अधूरा रह गया सुरैया का प्यार

HomeCinema

अगर देवानंद से शादी की तो देश में दंगे हो जाएंगे’, इस वजह से अधूरा रह गया सुरैया का प्यार

बॉलीवुड में सुरैया को ऐसी गायिका-अभिनेत्री के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने अपने सशक्त अभिनय और जादुई पाश्र्वगायन से लगभग चार दशक तक सिने प्रेमिय

EXCLUSIVE: कार्तिक आर्यन की ‘दोस्ताना 2’ से
ट्विंकल खन्ना ने समझाया प्यार का मतलब Twinkle khanna shared an superior image with Akshay kumar
आंखों की सर्जरी के बाद Amitabh Bachchan ने शेयर की कविता, लिखा- ‘दृष्टिहीन हूं, दिशाहीन नहीं…’

बॉलीवुड में सुरैया को ऐसी गायिका-अभिनेत्री के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने अपने सशक्त अभिनय और जादुई पाश्र्वगायन से लगभग चार दशक तक सिने प्रेमियों को अपना दीवाना बनाए रखा। सुरैया का जन्म 15 जून 1929 को पंजाब में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। लोग जितने इस एक्ट्रेस की अदायगी के कायल थे उससे कहीं ज्यादा उनकी सुंदरता के। हिंदी सिनेमा के देवानंद जिसे 10 साल तक भारत के सबसे महंगे सुपरस्टार होने का गौरव प्राप्त है। वहीं देवानंद जिसके लिए सुरैया जैसी अभिनेत्री आजीवन कुंवारी रहीं। सुरैया एक जमाने में हिंदी फिल्मों की बड़ी हस्ती थीं, वो अभिनेत्री भी थीं, गायिका भी।

देवानंद की सुरैया से पहली मुलाकात फिल्म ‘विद्या’ के सेट पर हुई थी। दरअसल, देव आनंद ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत सन 1946 में फिल्म ‘हम एक हैं’ से की। इस फिल्म में वो हीरो बनकर परदे पर आए, हालांकि फिल्म चल नहीं पाई। इसके बाद साल 1948 में आई ‘जिद्दी’। जिसने देव साहब को हिट बना दिया। इसी दौरान देव आनंद को एक अदाकारा से प्यार हुआ। वो भी देव साहब पर फिदा थीं।

देव आनंद की जिंदगी में प्यार लेकर आईं सुरैया। सुरैया तब तक बड़ी स्टार बन चुकी थीं जबकि देव आनंद कामयाबी की शुरुआती सीढ़ियां चढ़ रहे थे। अपनी आत्मकथा ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में देव आनंद ने अपनी लव स्टोरी का जिक्र भी किया है। देवानंद ने लिखा कि ‘काम के दौरान सुरैया से मेरी दोस्ती गहरी होती जा रही थी। धीरे-धीरे ये दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई।’ देव आनंद लिखते हैं कि ‘सुरैया को देखे बगैर मुझे चैन नहीं मिलता था। एक-एक पल काटना मेरे लिए मुश्किल होता था। सुरैया के परिवारवाले हमारे प्यार पर जितनी बंदिशें बढ़ा रहे थे हमारा प्यार बढ़ता ही जा रहा था। उनके घरवालों ने हमारे मिलने जुलने पर रोक लगा दी थी।’

सुरैया की नानी को ये रिश्ता नामंजूर था। वजह थी दोनों का अलग-अलग धर्म। नानी, सुरैया के साथ हर पल पहरा देने के लिए रहती थीं। घरवालों की सख्ती से परेशान देव और सुरैया ने फैसला किया कि वह फिल्म के सीन के दौरान असली में शादी कर लेंगे। ऐसे में फिल्म जीत की शूटिंग के दौरान देवानंद और सुरैया की शादी का सीन फिल्माया जा रहा था। उन्होंने असली पंडित को बुलाया जो असली मंत्र पढ़ने वाला था। तभी एक असिस्टेंट डायरेक्टर ने सुरैया की नानी को ये खबर दे दी।

सुरैया की नानी उन्हें सेट से खींचकर जबरदस्ती घर ले गईं। सुरैया ने कहा- ‘हर रोज मुझे समझाने के लिए फिल्म इंडस्ट्री के हमारे कई करीबी लोगों को बुलाया जाता था। वे मुझे समझाते कि देव के साथ शादी मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल होगी।’

अभिनेत्री कहती हैं, ‘एक्ट्रेस नादिरा के पहले पति नक्शब ने तो मेरे सामने कुरान ले आए और बोले कि इस पर हाथ रखकर कसम खाओ कि तुम देव से शादी नहीं करोगी। उन्होंने ये भी कहा कि अगर मैंने देवानंद से शादी की तो देश में दंगे भी हो सकते हैं। मैं बहुत डर गई थी। मेरी हिम्मत तब टूट गई जब नानी और मामा ने देव को जान से मारने की धमकी दी।