‘मैं जीना नहीं चाहती थी.’सुधा चंद्रन ने सुनाई अपनी दर्दनाक कहानी, बताया एक्सिडेंट के बाद ऐसी हो गई थी जिंदगी

HomeTelevision

‘मैं जीना नहीं चाहती थी.’सुधा चंद्रन ने सुनाई अपनी दर्दनाक कहानी, बताया एक्सिडेंट के बाद ऐसी हो गई थी जिंदगी

टीवी शो ‘कहीं किसी रोज’ में रमोला सिकंद का किरदार निभाने वालीं एक्ट्रेस सुधा चंद्रन को उनके इस किरदार के लिए खूब याद किया जाता है। एक्ट्रेस की जिंदगी

Indian Idol 12: सायली कांबले के सुरों की दीवानी हुईं करिश्मा कपूर, दोनों ने मिलकर ‘ले गई ले गई’ गाने पर लगाए ठुमके
Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin: ऑनस्क्रीन ननद के साथ गोलगप्पा पार्टी करती दिखीं Aishwarya Sharma
सलमान ख़ान की इस हीरोइन ने किया शो में जाने से इनकार, ‘ऑफर करेंगे तो भी नहीं जाऊंगी’

टीवी शो ‘कहीं किसी रोज’ में रमोला सिकंद का किरदार निभाने वालीं एक्ट्रेस सुधा चंद्रन को उनके इस किरदार के लिए खूब याद किया जाता है। एक्ट्रेस की जिंदगी इस शो से चमक गई थी और फैंस के बीच उन्हें नई पहचान मिली थी। सुधा यूं तो कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। लेकिन एक वक्त उनकी जिंदगी में ऐसा भी आया जब वह 7 सालों तक बेरोजगार रहीं। इस दौरान उन्हें किसी फिल्म या टीवी शो में काम नहीं मिला। दरअसल, ये वो वक्त था जब सुधा चंद्रन अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही थीं।

एक्ट्रेस सुधा चंद्रन का एक्सिडेंट हो गया था जिसमें उन्होंने अपना पैर गंवा दिया था। वहीं सुधा बहुत जबरदस्त क्लासिकल डांसर हैं। एक पैर न होने के बावजूद भी सुधा अपने पैशन को अपने साथ रखती हैं औऱ दिल खोलकर डांस करती हैं। लेकिन जब उनके साथ ये हादसा हुआ था तो उनकी दुनिया ही उजड़ गई थी। सुधा को नॉर्मल होने में बहुत वक्त लगा था। वहीं उनके आसपास कुछ ऐसे लोग भी थे जिन्होंने सुधा चंद्रन को कहा कि अब वह एंटरटेनमेंट की दुनिया को छोड़ कुछ और ट्राय करें।

भरतनाट्यम एक्सपर्ट सुधा चंद्रन ने जब अपना पैर खो दिया था तब वह जिंदगी में बहुत निराश हो गई थीं। उनके मन में मर मिट जाने तक के ख्याल आते थे। एक्ट्रेस ने बताया कि कई लोगों ने इस बीच उन्हें सलाह दी कि अब वह इंडस्ट्री को छोड़ दें, क्योंकि अब काम मिलना मुश्किल होगा। एक्ट्रेस ने बताया-उस वक्त मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं था। रास्ते दो थे-या तो मैं फिर से चलना शुरू कर दूं, या फिर मैं जिंदा ही न रहूं। दरअसल, मैं उस हादसे के बाद जीना नहीं चाहती थी। लेकिन तब मुझे मेरे माता पिता का ख्याल आया।