भुज: जब 300 महिलाओं की मदद से भारतीय सेना ने नाकाम किए थे पाक के मंसूबे, ये है असली कहानी

HomeCinema

भुज: जब 300 महिलाओं की मदद से भारतीय सेना ने नाकाम किए थे पाक के मंसूबे, ये है असली कहानी

देशभक्ति पर बनी फिल्में जब भी रिलीज होती हैं या टीवी पर फिर से प्रसारित होती हैं तो लोगों में देशभक्ति का जज्बा फिर से जाग जाता हैं। भारत में ऐसी बहुत

सोनाक्षी सिन्हा ने ट्विटर छोड़ा, कहा- “आग लगे बस्ती में, मैं अपनी मस्ती में”- क्या थी वजह Sonakshi Sinha quits Twitter after trolling left this message for followers
Toofaan Teaser: वाकई ‘तूफान’ मचा रहे हैं फरहान अख्‍तर, फैन्‍स बोले- थ‍िएटर में रिलीज क्‍यों नहीं किया?
सुपरस्टार राजेंद्र कुमार (Rajendra Kumar) और मनोज कुमार (Manoj Kumar) बहुत अच्छे दोस्त हुआ करते थे. मनोज कुमार, राजेंद्र को अपना बड़ा भाई मानते थे.

देशभक्ति पर बनी फिल्में जब भी रिलीज होती हैं या टीवी पर फिर से प्रसारित होती हैं तो लोगों में देशभक्ति का जज्बा फिर से जाग जाता हैं। भारत में ऐसी बहुत सी फिल्में बनी हैं जिन्हें दर्शकों ने काफी पसंद किया है। सबसे खास बात तो ये है कि देशभक्ति पर बनी ज्यादातर फिल्मों की कहानियां सच्ची घटनाओं पर आधारित है। अजय देवगन की फिल्म भुज भी ऐसी ही एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है जिसमें भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध की कहानी दिखाई गई है।

फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे गांव की महिलाओं ने रनवे बनाने में भारतीय सेना की मदद की थी और उनकी मदद से भारत पाकिस्तान पर जीत हासिल करने में कामयाब रहा था। इस फिल्म के ट्रेलर को देखकर ही लोगों में जोश बढ़ गया है। अब ये फिल्म कैसी है वो तो आपको आने वाले वक्त में पता चलेगा

8 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के साब्रे जेट्स ने 14 नापालम बम भारत के भुज स्थित एयरफोर्स बेस पर गिराए थे। इन धमाकों से भारतीय सेना का रनवे तबाह हो गया था जिसके चलते सारे हवाई ऑपरेशंस में बाधा आ गई। पाकिस्तान की तरफ से किया गया दूसरा हमला इतना खतरनाक था कि भारतीय सेना को बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्स से मदद लेनी पड़ी थी।

1971 में जब पाकिस्तान के हमले से भुज के एयर स्ट्रिप बर्बाद हो गए थे तो विजय कार्णिक इसी भुज एयरपोर्ट के इंचार्ज थे। हालांकि भारतीय वायुसेना के पास इतने श्रमिक नहीं थे जो एयरस्ट्रिप को तुरंत ठीक कर पाते। इसके बाद कैंप के नजदीक स्थित माधापुर गांव की 300 महिलाओं ने फिर से रनवे बनाने में मदद की। महिलाओं ने बिना किसी चीज की परवाह किए हुए लगातार मेहनत की और 72 घंटे के अंदर उन्होंने नया रनवे बना दिया था।

ऐसे में विजय कार्णिक ने महिलाओं की मदद से इस रनवे को दोबारा खड़ा करवाया था। दरअसल सुरेंदरबन जेठा माधरपाया ने महिलाओं को इस काम के लिए इकट्ठा किया था और विजय कार्णिक से मिलवाया था। सुरेंदरबन के रोल में सोनाक्षी सिन्हा नजर आएंगी वहीं विजय कार्णिक के रोल में अजय देवगन नजर आएंगे। ये लड़ाई भारत ने सिर्फ अपने सैनिकों से ही नहीं बल्कि गांव की इन महिलाओं के सहयोग से भी जीती थी।

बता दें कि फिल्म में नोरा फतेही, संजय दत्त और शरद केलकर भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म की चर्चा पिछले काफी समय से थी और इसे बड़े पर्दे पर रिलीज करने की तैयारी थी। हालांकि महामारी के चलते फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज किया गया है। जिस तरह से ट्रेलर पर लोगों ने प्यार बरसाया था देखना होगा कि फिल्म को क्या प्रतिक्रिया मिलती है।