पत्नी बाजार से (फोन पर) : अजी, मैं अब बाजार आई हूं

पत्नी बाजार से (फोन पर) : अजी, मैं अब बाजार आई हूं

पत्नी बाजार से (फोन पर) : अजी, मैं अब बाजार आई हूं खरीदारी करने, आपको कुछ चाहिए क्या?



गटरू : हां, मुझे जीवन का अर्थ चाहिए। जीवन सार्थक कैसे होता है, ये चाहिए। मुझे अपना अस्तित्व ढूंढना है।



पत्नी असमंजस होकर (थोड़ी चुप्पी के बाद) : ठीक है, ठीक है, कौन-सी लाऊं?



रॉयल स्टेग या बिलेंडर प्राइड।


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